Skip to main content

Posts

मानव और प्रकृति का संघर्ष और समाधान, भाग - 1

  जल, जंगल, ज़मीन मानव और प्रकृति का संघर्ष और समाधान लेखक: प्रो. पवन यादव भूमिका मनुष्य और प्रकृति का संबंध एक ही पुराना है, अस्वीकृत जीवन स्वयं। जल, जंगल और जंगल-ये केवल स्रोत नहीं हैं, बल्कि जीवन के मूल आधार हैं। जब तक ये मानक हैं, तब तक संस्कृति सुरक्षित है। जैसे ही इनका प्रयोग बढ़ता है, समाज, उद्योग और संस्कृति संकट में आ जाते हैं। यह किताब एक संघर्ष, शोषण और समाधान की कहानी है। लेखन योजना (अध्याय विस्तार) भाग 1: जल - जीवन का आधार जल का महत्व नदियों की सभ्यता जल संकट का जन्म घोड़े का गिरता स्तर जल प्रदूषण जल पर संघर्ष जल का शीर्षक वर्षा जल संरक्षण जल और संस्कृति जल संरक्षण के उपाय भाग 2: जंगल - धरती की धरती जंगल का महत्व जाब्ता और जंगल औपनिवेशिक काल में जंगल आधुनिक विकास जंगल और थोकों का संकट जंगल और जलवायु परिवर्तन वन उद्योग और वन अधिकार कानून एकल वन प्रबंधन जंगल से बचने का उपाय भाग 3: ज़मीन - अनुभव की पहचान ज़िम का महत्व भूमि और कृषि भूमि अधिग्रहण का इतिहास किसान और कर्ज शहरीकरण और जमीन विवाद ज़मीन और राजनीति जज़्बान ज़मीन का संकट भेदभावपूर्णप्रशासन जीवांश का उपाय भाग 4: संघ...